7 सितंबर 2014 - 19:13
अमरीका में जातिवाद के विरूद्ध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी।

अमरीका में पिछले महीने पुलिस के हाथों अश्वेत युवक माइकल ब्राउन की हत्या के विरुद्ध एक बार फिर जनता ने प्रदर्शन किया।

अबनाः अमरीका में पिछले महीने पुलिस के हाथों अश्वेत युवक माइकल ब्राउन की हत्या के विरुद्ध एक बार फिर जनता ने प्रदर्शन किया।
प्रेस टीवी के अनुसार शनिवार को वाशिंग्टन और आयवा राज्यों में आयोजित इन प्रदर्शनों में भाग लेने वालों ने अमरीकी पुलिस के अश्वेत वर्ण के लोगों के ख़िलाफ़ नस्लभेदी व्यवहार के ख़त्म होने की मांग की। एक प्रदर्शनकारी ने प्रेस टीवी से कहा कि आयवा में जनता सुरक्षित नहीं है और उसे पुलिस के नस्लभेदी व्यवहार का हर दम ख़तरा रहता है।
ज्ञात रहे अगस्त में अमरीका के मिसूरी राज्य के फ़र्गूसन शहर में अश्वेत युवक माइकल ब्राउन की पुलिस की फ़ायरिंग में हुयी हत्या के विरोध में पूरे अमरीका में जनप्रदर्शन हुए थे। यद्यपि अमरीकी फ़ेडरल जांच विभाग ने इस घटना की जांच शुरु कर दी है किन्तु अभी तक अमरीकी पुलिस के नस्लभेदी व्यवहार को रोकने की दिशा में किसी प्रकार का प्रभावी क़दम नहीं उठाया गया है।
अमरीका के महान्यायवादी एरिक होल्डर ने गुरुवार को कहा कि फ़र्गूसन शहर के पुलिस विभाग की जांच पुलिस अधिकारियों और नागरिकों के बीच गहरे अविश्वास को दर्शाती है।
दूसरी ओर वाशिंग्टन में इस्लाम मस्जिद के इमाम अब्दुल अलीम मूसा ने कहा है कि अमरीका वास्तव में पुलिस राज्य है जहां अश्वेत और लैटिन अमरीकी लोगों की बड़ी निर्दयता से हत्या कर दी जाती है।
इमाम अब्दुल मूसा पर अमरीकी नीतियों और अमरीका की ओर से इस्राईल के समर्थन की आलोचना के कारण कैलिफ़ोर्निया के ओकलैंड में 22 अगस्त को बंदूक़धारियों के एक गुट ने हमला कर दिया था।
अब्दुल मूसा ने प्रेस टीवी से शनिवार को बातचीत में 22 अगस्त को उन पर हुए हमले और पिछले हफ़्ते पुलिस की हिरासत में उन्हें दी गयी यातना के बारे में बताया। इमाम अब्दुल मूसा ने कहा, “ 22 अगस्त को ओकलैंड की 82वीं रोड पर स्थित एक मस्जिद को अरब-ज़ायोनी अपने नियंत्रण में लेना चाहते थे कि यह अमरीका में स्वदेशी अभियान केन्द्रित अंतिम मस्जिद है और इस हमले की अगुवाई अफ़्रीक़ी-ज़ायोनियों ने की थी।”
इमाम अब्दुल अलीम मूसा अमरीका में इस्लामिक इंस्टीट्यूट आफ़ काउंटर ज़ायोनिस्ट अमेरिकन साइकलॉजिकल वारफ़ेयर के संस्थापक हैं।